करैरा। पंचमी के पावन अवसर पर गुरुवार को बड़ा बाजार स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर का वार्षिक उत्सव श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर से जब पालकी में श्रीजी विराजमान होकर निकले तो पूरा नगर भक्तिभाव से सराबोर हो उठा। जैन समाज के महिला-पुरुष, युवा और श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ पालकी यात्रा में शामिल हुए।
जहां से निकली पालकी, वहीं झुके शीश
श्रीजी की पालकी नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए निकली। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की आरती उतारकर दर्शन किए। भक्ति और श्रद्धा से भरे वातावरण में समाजजन पालकी के साथ चलते रहे। श्रीजी के दर्शन को उमड़े श्रद्धालुओं से यात्रा मार्ग धार्मिक आस्था के केंद्र में बदल गए।

जल विहार को निकले श्रीजी, गूंजता रहा भक्तिभाव
वार्षिक उत्सव के अवसर पर श्रीजी का जल विहार कराया गया। पालकी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। धार्मिक परंपरा के अनुरूप संपन्न हुए इस आयोजन में समाजजनों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। पालकी यात्रा पुनः बड़ा बाजार स्थित जैन धर्मशाला पहुंची, जहां आगे की धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं।

पूजन-अभिषेक और शांतिधारा में दिखी आस्था
जैन धर्मशाला में विद्वान पंडित दीपक जैन शास्त्री के निर्देशन में विधि-विधानपूर्वक पूजन, अभिषेक और शांतिधारा सहित अन्य धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। समाजजनों ने भक्तिभाव से भगवान पार्श्वनाथ का पूजन-अर्चन कर धर्मलाभ लिया।

धार्मिक आयोजन के बाद हुआ सामूहिक वात्सल्य भोज
धार्मिक क्रियाओं के संपन्न होने के बाद समस्त समाजजनों के लिए सामूहिक वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया। इसमें समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रसादी ग्रहण की। वात्सल्य भोज ने आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकजुटता का भाव भी मजबूत किया।
वार्षिक उत्सव के दौरान पूरे आयोजन में धर्म, भक्ति और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला। समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर भगवान पार्श्वनाथ की आराधना की और धार्मिक परंपरा को भक्तिभाव के साथ आगे बढ़ाया।
