श्री दुर्गा सप्तशती पाठ और नवान्हपरायण पाठ के साथ श्रीमद्भागवत का मूलपाठ भी होगा
करैरा। नवदुर्गा समिति बाबा का बाग करैरा की आयोजन समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें समस्त पदाधिकारियों के साथ समस्त सदस्य उपस्थित थे ।
बैठक का आयोजन विद्वान संत स्वामी रुद्र चेतन्य पुरी महाराज के आतिथ्य में तथा बैठक की अध्यक्षता समिति के संरक्षक श्री बालगोबिंद शिवहरे द्वारा की गई , विशिष्ट अतिथि के रुप में समाज सेवी सुरेश बंधु, समिति अध्यक्ष श्री सुखदेव प्रसाद दुबे ,पेंशनर एसोसिएशन करैरा के अध्यक्ष श्री प्रभु दयाल शर्मा,श्री ज्ञानी चंद्र जैन कक्का,श्री नीरज शर्मा,पंडित श्री राजेश शर्मा ,पं.श्री वृंदावन शर्मा,श्री घनश्याम योगी उपस्थित रहे ।

सर्वप्रथम सचिव सतीश श्रीवास्तव ने गत बैठक की कार्यवाही का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया ।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नवदुर्गा समिति बाबा का बाग करैरा द्वारा प्रतिबर्ष की भांति बर्ष 2026 के 50 वे नवदुर्गा महोत्सव में नवान्हपारायण पाठ, दुर्गा सप्तशती पाठ के साथ श्रीमद्भागवत मूलपाठ होगा।

बगीचा धाम पर रामलीला का आयोजन किया जाएगा ,रामलीला का मंचन श्री बाल हनुमान रामलीला मंडल वृंदावन धाम द्वारा दिनांक 11सितम्बर 2026 से 20 अक्टूबर 2026 तक रात्रि 8 बजे से किया जायेगा , रामलीला मंडल प्रबंधक पं. राजेश शर्मा ने बताया कि उत्कृष्ट कलाकारों द्वारा लीला मंचन किया जायेगा।
समापन समारोह 20 अक्टूबर 2026 को कन्याभोज ,भंडारा और प्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा।

समिति के अध्यक्ष सुखदेव प्रसाद दुबे ने नवदुर्गा महोत्सव के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा विगत 49 बर्षों से यह आयोजन बहुत गरिमा पूर्ण ढंग से मनाया जा रहा है।
बैठक में विशेष रूप से ज्ञानी चंद जैन कक्का,,सुरेश बंधु, सतीश श्रीवास्तव, रामेश्वर दयाल नौगरैया,साहित्यकार प्रभुदयाल शर्मा, सुनील कुचया, रमेश वाजपेयी,सौरभ प्रधान, प्रभु दयाल पहारिया,, धनीराम साहू, हरीकृष्ण नीखरा,अशोक कुमार तिवारी,नीरज शर्मा, वेदप्रकाश दुबे, मनोज त्रिपाठी शिक्षक सहित सभी सदस्य और बाबा का बाग बगीचा धाम के भक्त उपस्थित थे।

उक्त आयोजन 11 अक्टूबर 2026 से 20 अक्टूबर 2026 तक चलेगा जिसमें रामलीला का मंचन रात 8 बजे से होगा ।
समिति द्वारा प्रशासन से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता व्यवस्था की अपील की है।
कार्यक्रम का संचालन सतीश श्रीवास्तव ने किया और आभार प्रदर्शन श्री रामेश्वर नौगरैया ने किया ।
