◆सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मामले में हुई कार्यवाही
शिवपुरी। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक व्यक्ति द्वारा अपने पिता के उपचार को लेकर श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी में पदस्थ डॉक्टरों पर मरीज को ठीक से नहीं देखने और रेफर करने के आरोप लगाए गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।

श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, जिसमें एक मृतक के पुत्र का आरोप है कि कि उसके पिता को उपचार के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लाया गया था। वहां जूनियर रेसीडेंट डॉ. राज यादव और डॉ. प्रियंका ठाकुर ने उनके पिता को ठीक से देखे बिना उन्हें रेफर कर दिया।

उसका कहना था कि जब उसके पिता मेडिकल कॉलेज आए थे तब वे सामान्य स्थिति में थे और एंबुलेंस एवं मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर उनकी मृत्यु के लिए जिम्मेदार हैं।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। जांच समिति की रिपोर्ट और उसकी अनुशंसा के आधार पर चिकित्सा महाविद्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अधिष्ठाता ने आकस्मिक चिकित्सा विभाग के जूनियर रेजीडेंट डॉ. राज यादव और मेडिसिन विभाग की जूनियर रेसीडेंट डॉ. प्रियंका ठाकुर को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया है।

इस मामले में दो चिकित्सकों को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। मरीज को समय पर नहीं देखने एवं बिना हस्ताक्षर के रेफर किये जाने का जिम्मदार पाए जाने पर मेडिसिन विभाग के सह प्राध्यापक डॉ.रीतेश यादव तथा आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. निर्मल कदम को चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
