शिवपुरी। कृषि विस्तार अधिकारी संघ, जिला शिवपुरी ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर 17 से 20 अगस्त तक चार दिवसीय कलमबंद कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कृषि विस्तार अधिकारियों ने उपसंचालक कृषि कार्यालय के समक्ष धरना देकर शासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया।

संघ की प्रमुख मांगों में eHRMS में अनिवार्य ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करना, कृषि विस्तार अधिकारियों का ग्रेड-पे ₹2400 से बढ़ाकर ₹2800 करना तथा अतिरिक्त कृषि विस्तार केंद्रों का दायित्व संभालने वाले अधिकारियों को दिए जाने वाले ₹500 प्रतिमाह अतिरिक्त भत्ते को बढ़ाकर ₹5000 प्रतिमाह किया जाना शामिल है।

संघ का कहना है कि कृषि विस्तार अधिकारियों का कार्य मुख्य रूप से मैदानी एवं भ्रमण आधारित है। अधिकारियों को किसानों के खेतों, गांवों और विभिन्न विभागीय गतिविधियों के लिए नियमित रूप से भ्रमण करना पड़ता है। ऐसे में ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता व्यावहारिक कठिनाइयों से जुड़ी हुई है। महिला कृषि विस्तार अधिकारियों ने कार्यालय एवं ग्रामीण भ्रमण के दौरान सुरक्षा से संबंधित विषय भी उठाए हैं।

अधिकारियों के अनुसार कृषि विस्तार अधिकारी विभाग की योजनाओं एवं किसान हित से जुड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतिरिक्त केंद्रों का दायित्व मिलने पर वर्तमान में मात्र ₹500 प्रतिमाह भत्ता दिया जा रहा है, जो अतिरिक्त कार्य एवं उत्तरदायित्व की तुलना में अपर्याप्त है। इसी आधार पर ग्रेड-पे में वृद्धि की मांग की जा रही है।

संघ ने बताया कि मांगों के निराकरण के लिए पूर्व में चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन अपेक्षित निर्णय नहीं होने के कारण अब चार दिवसीय कलमबंद कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है।
कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने शासन से तीनों मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेकर अधिकारियों की व्यावहारिक समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 20 अगस्त 2026 तक मांगों के संबंध में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आंदोलन को आगामी चरण में विस्तारित किया जाएगा।
