करैरा।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में विद्या भारती मध्यभारत प्रांत द्वारा “सप्तशक्ति संगम” नामक एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भारतीय नारी की छिपी हुई शक्ति को जागृत करना, परिवार और समाज को सशक्त बनाना तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना है। इसी अभियान के तहत बुधवार, 29 अक्टूबर को

सरस्वती शिशु मंदिर, करैरा (जिला शिवपुरी) में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सप्तशक्ति संगम करैरा की संयोजिका श्रीमती अर्चना दुबे ने पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्या भारती आज देश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी शैक्षिक संगठन है। देशभर में इसके 21 हजार से अधिक

विद्यालय संचालित हैं, जहाँ बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति का भाव भी सिखाया जाता है। श्रीमती दुबे ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत पूरे देश में 30 हजार से अधिक मातृ गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। इन गोष्ठियों के माध्यम से माताओं को समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक किया जाएगा। मध्यभारत प्रांत में ही इस अभियान के तहत 6 हजार से अधिक गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 10 लाख माताओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। करैरा नगर में भी सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा 30 मातृ गोष्ठियों का आयोजन विभिन्न वार्डों और ग्रामों में किया जाएगा। इन गोष्ठियों के माध्यम से माताओं को शिक्षा, संस्कार, और समाज निर्माण के विषय में प्रेरित किया जाएगा। इस क्रम में 9 नवंबर 2025 को सरस्वती शिशु मंदिर, करैरा में एक मातृ गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में माताएं भाग लेंगी। प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि यह अभियान केवल समाज में नारी की भूमिका को सशक्त करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में भी मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। अभियान के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास, शिक्षा के प्रति जागरूकता और समाज में अपनी भूमिका को समझने की भावना को मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।
