●जुडवा बच्चों को दिया सकुशल जन्म, पहला बच्चे के जन्म हुआ घर दूसरा जन्मा जिला अस्पताल शिवपुरी में
शिवपुरी। पोहरी विकासखंड के ग्राम देवपुरा में निवास करने वाली आदिवासी प्रसूता के जीवन पर उस समय संकट के बादल गहरा गए, जब अचानक प्रसव पीडा होने के साथ गर्भ में पल रहे एक बच्चे का जन्म घर पर ही हो गया, लेकिन दूसरा बच्चा आडा होने के कारण गर्भाश्य में फंस गया। बरहाल कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार स्वास्थ्य अमले की तत्परता से न केवल प्रसूता का जीवन रक्षा हुई बल्कि उसके गर्भस्थ दूसरे बच्चे का जन्म भी सकुशल हो गया। वर्तमान स्थिति में जच्चा बच्चा दोनों सकुशल है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.संजय ऋषीश्वर ने बताया कि 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां पूरा जिला भव्य समारोह के उल्लास में व्यस्त था वहीं पोहरी विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बैराढ के अंतर्गत आने वाले ग्राम देवपुरा निवासी रामसुरक्षा पत्नी दीपक आदिवासी उम्र 20 वर्ष को अचानक हुई प्रसव पीडा के बाद एक बच्चे का जन्म घर पर ही हो गया, लेकिन उसके बाद बिगडती हालत की सूचना कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा को ग्रामीणों द्वारा दी गई। जिस पर कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों त्वरित कार्यवाही कर प्रसूता की जीवन रक्षा के निर्देश दिए। निर्देश के पालन में स्वास्थ्य अमला दू्रतगति से सक्रिय हो गया। सीएचओ और आशा कार्यकर्ता ने प्रसूता के घर पहुंच बस्तु स्थिति का जयजा लिया और उसके बाद प्रसूता को परिवार संस्था की एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बैराढ भेजा गया जहां स्थिति को गंभीर देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया, और इसी के साथ खंड चिकित्सा अधिकारी डाॅ दिवकाकर वर्मा एवं उनके सहयोगियों ने जिला अस्पताल के अधिकारियों सहित प्रसूती वार्ड के चिकित्सकों को भी सूचना कर दी गई। जिस पर प्रसूता के आते ही तत्काल उसका आपरेशन कर नवजात और प्रसूता की जीवन रक्षा कर ली गई। आपरेशन के दौरान जिला अस्पताल द्वारा प्रसूता को आवश्यकता पडने पर रक्त का प्रबंध भी किया।
जच्चा बच्चा की जीवन रक्षा देख प्रसूता राम रक्षा आदिवासी के परिवार ने कलेक्टर सहित सीएमएचओ, जिला अस्पताल के चिकित्सकों और पोहरी विकासखंड के स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों का अश्रुपूरित नेत्रों से आभार व्यक्त किया।
