दो हजार रुपए की रिश्वत लेते देवेंद्र जैन को लोकायुक्त ने दबोचा, नक्शा दुरुस्ती के एवज में मांगे थे 5 हजार

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◆ग्राम मचाकला के किसान से पटवारी ले चुका था 2 हजार रुपए, जिले में हर महीने किसी न किसे को दबोच रही लोकायुक्त
शिवपुरी। जमीन के नक्शे को दुरुस्त कराने के एवज में 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने सिद्धेश्वर कालोनी से पटवारी देवेंद्र जैन को दबोच लिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि शिवपुरी जिले में शायद ही कोई महीना ऐसा निकलता है, जब लोकायुक्त की टीम किसी न किसी रिश्वतखोर को दबोच नहीं रही।


पोहरी तहसील के ग्राम मचाकला के कृषक ब्रखभान धाकड़ को अपनी जमीन का नक्शा दुरुस्त कराना था।
लोकायुक्त टीम के प्रभारी बलराम सिंह राजावत ने बताया कि पोहरी तहसील के ग्राम मचाकला में रहने वाले कृषक ब्रखभान धाकड़ को अपनी जमीन के नक्शे को दुरुस्त कराना था। इस काम के एवज में पोहरी के प्रभारी आरआई व पटवारी देवेंद्र जैन ने किसान से 5 हजार रुपए रिश्वत की मांग की, तथा पहले दिन 1 हजार रुपए

की पहली किश्त वसूल कर ली थी। कृषक ने बताया कि मैं बहुत गरीब हूं, फिर भी पटवारी ने रुपयों की मांग जारी रखी। जिसके चलते कृषक ब्रखभान ने 24 मार्च को शिकायत लोकायुक्त एसपी ग्वालियर में की थी। इसके बाद लोकायुक्त ने रिकॉर्डर देकर भेजा, और जब

रिकॉर्डिंग हो गई, तो आज दोपहर ब्रखभान रिश्वत के 2 हजार रुपए लेकर पटवारी के घर सिद्धेश्वर कॉलोनी पहुंचा। पटवारी ने घर के बाहर आकर जैसे ही ब्रखभान के हाथ से रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, तो आसपास मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया, तथा जब हाथ की उंगलियां पानी में डलवाई तो पानी का रंग लाल हो गया।


महत्वपूर्ण सवाल:
शिवपुरी जिले में लगभग हर महीने लोकायुक्त किसी न किसी रिश्वतखोर को दबोचती है। जिसमें सबसे अधिक राजस्व विभाग के पकड़े जा रहे हैं। महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जब इन सरकारी कर्मचारियों को घर-परिवार चलाने को सरकार भरपूर वेतन देती है, तो फिर यह गरीबों का खून रिश्वत के रूप में क्यों चूस रहे है?। जबकि वो परिवार से पूरी तरह सक्षम हैं, बावजूद इसके गरीब से 5-10 हजार रुपए के फेर में अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा भी दांव पर लगा देते हैं।

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