राज्य बाल आयोग अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने ली विभागीय अधिकारियों की समन्वय बैठक

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● बाल हितों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए निर्देश

शिवपुरी।  मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने जिले में संबंधित विभागों के अधिकारियों की समन्वय बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं बाल संरक्षण से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पॉक्सो के दर्ज मामलों में प्रत्येक पीड़ित बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रत्येक पॉक्सो पीड़ित को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करना है।

बैठक में डॉ. शर्मा ने सामाजिक न्याय विभाग को जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए छात्रावास तथा नशे की लत से प्रभावित बच्चों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केंद्र खोलने के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला त्यागी बालक-बालिकाओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा ड्रॉपआउट बालिकाओं, विशेषकर लाड़ली लक्ष्मी योजना की हितग्राही बालिकाओं की जानकारी तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग को ड्रॉपआउट बच्चों की सूची श्रम विभाग को उपलब्ध कराने तथा श्रम विभाग को उन बच्चों के बाल श्रम में नियोजित नही होने का सत्यापन करने के निर्देश दिए।

बाल भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम की रोकथाम के लिए उन्होंने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस तथा श्रम विभाग को आपसी समन्वय से अभियान चलाकर ऐसे बच्चों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

*सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास एवं जेल का किया निरीक्षण*
आयोग अध्यक्ष ड़ॉ निवेदिता शर्मा ने सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास फतेहपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन, शिक्षा आदि को देखा तथा नेत्रहीन बच्चों के लिए ब्रेल लिपि स्पेशलिस्ट शिक्षक की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने सर्किल जेल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान महिला बंदियों के साथ रहने वाले बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन ने विभागीय योजनाओं एवं उनके क्रियान्वयन की जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, पुलिस विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बालगृह के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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