करैरा। दिनारा थाना क्षेत्र के ग्राम डामरोनकला के निवासी रोहित दुबे ने अपनी ताई संतोषी पत्नी महेश कुमार दुबे और उनके रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया है। रोहित ने बताया कि उनकी ताई ने उनके और उनके भाई मोहित शर्मा के खिलाफ झूठे केस में फंसाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की साजिश रची है। यह मामला 10 सितंबर को हुई एक भूमि रजिस्ट्री से जुड़ा है, जिसमें संतोषी ने अपनी कृषि

भूमि का हिस्सा रोहित और मोहित को बेचा था। रोहित का दावा है कि संतोषी ने पूर्ण भुगतान प्राप्त करने के बाद भी उन्हें बदनाम करने और झूठे आरोप लगाने की धमकी दी है। इस मामले में संतोषी के रिश्तेदारों बृजेश भार्गव (हिम्मतपुर), सीताराम मिश्रा (नौनेर) और प्रदीप शर्मा (सिरसोद) की भी संलिप्तता बताई गई है, जो लगातार धमकियां दे रहे हैं। रोहित ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन के अनुसार, संतोषी ने सर्वे नंबर 723, 811, 816 (कुल रकबा 7.14 हेक्टेयर) में से 1/5 हिस्सा यानी 1.428 हेक्टेयर और सर्वे नंबर 716 (रकबा 1.90 हेक्टेयर) में से 1/5 हिस्सा यानी 0.38 हेक्टेयर में से 0.18 हेक्टेयर, कुल मिलाकर 1.608 हेक्टेयर भूमि का विक्रय पत्र (रजिस्ट्री) रोहित और मोहित के नाम 10 सितंबर को किया। रजिस्ट्री की प्रक्रिया गवाहों उमेश प्रजापति और अभिषेक वंशकार की मौजूदगी में पूरी हुई, जिसमें संतोषी ने संपूर्ण विक्रय राशि प्राप्त कर ली और भूमि का कब्जा भी रोहित और मोहित को सौंप दिया। इसके बावजूद, संतोषी और उनके रिश्तेदार अब दावा कर रहे हैं कि उन्हें भुगतान नहीं मिला और वे

रोहित व मोहित को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। रोहित ने बताया कि यह साजिश उन्हें और उनके परिवार को सामाजिक रूप से अपमानित करने और मानसिक तनाव देने के लिए रची जा रही है। संतोषी और उनके सहयोगी कथित तौर पर झूठी पुलिस शिकायतें दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि रोहित और उनके भाई को परेशान किया जा सके। रोहित ने यह भी आशंका जताई कि संतोषी स्वयं को नुकसान पहुंचाकर उन्हें फंसाने की कोशिश कर सकती हैं।

रोहित ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और संतोषी व उनके रिश्तेदारों की झूठी शिकायतों पर कोई कार्रवाई न हो। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए संतोषी और उनके रिश्तेदारों को जिम्मेदार ठहराया जाए।
