एलीवेटेड रोड, अंबेडकर धाम और रेलवे स्टेशन सहित 11 प्रमुख परियोजनाओं के लिए तय किए गए लक्ष्य

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केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की विकास कार्यों की समीक्षा बैठक

विकास को नई गति देने के लिए समयसीमा में कार्य पूर्ण हों: सिंधिया

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और सीएम मोहन यादव के मार्गदर्शन में ग्वालियर और मध्य प्रदेश विकास की नई कहानी गढ़ रहा है: सिंधिया

ग्वालियर। केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज (सोमवार) को ग्वालियर कलेक्ट्रेट में आयोजित विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में जिले और संभाग के विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की और बड़े प्रॉजेक्ट्स का साइट निरीक्षण किया।

बैठक के दौरान प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति प्रस्तुत की गई, जिन पर मंत्री सिंधिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री, कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि और कॉन्ट्रैक्टर्स उपस्थित रहे।

अरसे से लंबित परियोजनाओं का लिया संज्ञान, हर योजना की तय की समय सीमा
इस बैठक में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने लंबित परियोजनाओं की समयसीमा तय की । कुछ परियोजनाएँ लंबे समय से अटकी हुई थीं, जिनसे क्षेत्रवासियों को असुविधा और परेशानी उठानी पड़ रही थी, लेकिन अब केंद्रीय मंत्री ने इन सभी कार्यों का संज्ञान लेते हुए नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की।

गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर
सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर क्षेत्र ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का केन्द्र है और यहाँ विकास की अपार संभावनाएँ हैं। ऐसे में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और जनसुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को गति देना समय की मांग है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो, ताकि आने वाले वर्षों में ग्वालियर एक आदर्श जिले के रूप में स्थापित हो सके।

बैठक में इन प्रमुख 11 परियोजनाओं पर हुई चर्चा:

  1. ग्वालियर एलीवेटेड रोड के दोनों फेज़ की समयसीमा तय की गई। फेज-1 (₹446.92 करोड़) को 1 अक्टूबर 2027 तक और फेज-2 (₹926.21 करोड़) को 19 नवंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा। यह परियोजना शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाएगी।
  2. ग्वालियर रेलवे स्टेशन का ₹534.70 करोड़ का नवीनीकरण कार्य अप्रैल 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसमें नए प्लेटफॉर्म और आधुनिक यात्री सुविधाएँ शामिल होंगी, साथ ही स्टेशन को ग्वालियर की विरासत से सुसज्जित किया जाएगा।
  3. ₹4613 करोड़ लागत वाले आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू हो चुका है। यह परियोजना औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को गति देगी।
  4. ग्वालियर-चंबल रॉ वाटर सप्लाई सिस्टम पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें रोडमैप तैयार किया गया जो 2055 तक शहर की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करेगा। पूरे शहर के सभी 66 वार्ड इससे लाभान्वित होंगे और शहर के प्रत्येक घर तक नियमित स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस दिशा में पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक और वितरण प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर विचार हुआ और मार्च 2027 तक इसे पूरा करने लक्ष्य लिया गया।
  5. ⁠ ⁠₹1900 करोड़ की लागत वाली ग्वालियर वाटर डिस्ट्रीब्यूशन योजना के फेज-1 और फेज-2 की प्रगति की समीक्षा की गई। इस योजना से ग्रामीण अंचल के हर घर तक नियमित और स्वच्छ पानी पहुँच सकेगा।
  6. ₹1347.6 करोड़ लागत वाले ग्वालियर वेस्टर्न बायपास को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। यह यातायात का दबाव कम करेगा।
  7. ग्वालियर की बहुप्रतीक्षित मल्टीलेवल कार पार्किंग को ₹82 करोड़ की लागत से मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। इससे अब ग्वालियर के ऐतिहासिक महाराज बाड़ा में ट्रैफिक से राहत मिलेगी और 352 कार और 76 टू-व्हीलर पार्किंग क्षमता वाली यह सुविधा नागरिकों को ट्रैफिक की समस्या से राहत दिलाएगी और आवागमन को सुगम बनाएगी।
  8. महाराजा बाड़ा स्थित सरकारी प्रेस बिल्डिंग के नवीनीकरण और औद्योगिक म्यूजियम (₹16 करोड़) की विस्तृत समीक्षा की गई। यह परियोजना ग्वालियर की सांस्कृतिक और औद्योगिक पहचान को नई ऊँचाई देगी।
  9. 1000 बेड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और JAH के बीच 20 करोड़ की लागत से बन रहे अंडरब्रिज के कार्य को मार्च 2027 से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए।
  10. ₹8.77 करोड़ की लागत से बन रहे ग्वालियर शहर के 4 एंट्री गेट्स में से तानसेन द्वार, जयविलास द्वार और सहस्त्रभाऊ मंदिर द्वार का कार्य पूर्ण हो चुका है और जनता को समर्पित किए जा चुके हैं। अभी शेष एक भिंड रोड पर निर्माणाधीन ग्वालियर किला द्वार का कार्य 31 अक्टूबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया। यह सभी द्वार ग्वालियर की गरिमा और स्वागत परंपरा का प्रतीक होगा।
  11. 30 करोड़ की लागत से डबरा स्थित जोरासी में पर बन रहे अंबेडकर धाम में पहले फेस का काम पूर्ण हो गया है और दूसरे फेस का काम तेजी से चल रहा है जिसमें ये तय किया गया कि बाबा साहेब की प्रतिमा स्मारक प्रांगण के बाहर स्थापित होगी ताकि प्रत्येक आगंतुक सबसे पहले उन्हें नमन कर सके। प्रतिमा की ऊँचाई 12 फीट से बढ़ाकर 20 फीट करने का निर्णय लिया गया। स्मारक में संग्रहालय का निर्माण होगा, जिसके कक्ष पंचतीर्थ स्थलों के नाम पर होंगे और इसके रखरखाव के लिए प्रबंधन समिति गठित की जाएगी। इस परियोजना को दिसंबर 2026 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया।

लॉ एंड ऑर्डर एवं सड़कों की स्थिति पर भी हुई समीक्षा
इसके अलावा बैठक में ग्वालियर के लॉ एंड ऑर्डर को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। सड़कों की खराब स्थिति पर केंद्रीय मंत्री ने ठेकेदारों और अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्वयं 255 वाटर ब्लॉकेज प्वाइंट्स का चयन किया और उन्हें तीन श्रेणियों, ग्रीन (सही), यलो और रेड (मरम्मत योग्य) में वर्गीकृत किया, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके। बैठक में 55 बसों की क्षमता वाले आईएसबीटी बस स्टैंड का क्षमतापूर्वक प्रयोग सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही गजरा राजा मेडिकल कॉलेज और सीवेज संबंधी मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान
सिंधिया ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्य केवल कागज़ पर न रहकर जनता के जीवन में परिवर्तन लाएँ। उन्होंने जनभागीदारी और पारदर्शिता को कार्यशैली का मूल मंत्र बनाने पर बल दिया। केन्द्रीय मंत्री बैठक में एलीवेटेड रोड, आगरा एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न बायपास के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी, ग्वालियर रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, वाटर सप्लाई परियोजनाओं के लिए आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और अंबेडकर धाम के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार एवं साधुवाद व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से ग्वालियर आने वाले समय में और भी अधिक समृद्ध, सशक्त और आधुनिक स्वरूप में उभरेगा।

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