◆200 आदिवासी किशोरियों को प्रदान की बाला कीट
शिवपुरी। शिवपुरी जिले को देश का पहला क्लाइमेट-फ्रेंडली माहवारी स्वच्छता पहल का केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। “उड़ान नवाचार” कार्यक्रम के तहत आज शासकीय कन्या शाला परिसर शिवपुरी में 200 आदिवासी किशोरियों को पुन: प्रयोज्य माहवारी स्वच्छता किट वितरित की गई। इस विशेष “बाला किट” का उपयोग दो वर्षों तक किया जा सकेगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषिस्वर ने किया। उन्होंने कहा कि माहवारी स्वच्छता का मुद्दा केवल स्थानीय नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है और यह सतत् विकास लक्ष्यों से जुड़ा हुआ है। यह पहल लड़कियों के स्वास्थ्य व स्वच्छता को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण को प्लास्टिक कचरे से भी मुक्त करेगी।
संयोजक रवि गोयल ने बताया कि जिले की 30 हजार किशोरियों तक यह किट पहुँचाने का लक्ष्य है। प्रथम चरण में 200 छात्राओं को किट वितरण के साथ जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें बच्चियों को स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य तथा माहवारी से जुड़े सामाजिक पहलुओं की जानकारी दी गई।
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रदीप कुमार झा ने इसे बालिकाओं के लिए आत्मनिर्भरता और नई उड़ान की दिशा में प्रेरक कदम बताया। संस्था शक्तिशाली महिला संगठन की टीम ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य शिवपुरी को भारत का पहला क्लाइमेट-फ्रेंडली जिला बनाना है, जहाँ किशोरियों को सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल माहवारी समाधान उपलब्ध हो। कार्यक्रम में दो सैकड़ा से अधिक बालिकाओं के साथ साथ स्कूल का समस्त स्टाफ एवं कर्मचारी ने सक्रिय सहयोग किया।
