◆ मृत एवं रिटायर कर्मचारी भी बने आरोपी
◆ राजस्व व्रत क्षेत्र के जरगंवा अव्वल में सर्वे क्रमांक 247 में हुआ जमीन घोटाला
◆कलेक्टर द्वारा करवाई गई जांच में हुआ खुलासा
करैरा। बीते दिवस 18 मार्च 2026 को जिले की करैरा तहसील अंतर्गत ग्राम जरगंवा अव्वल (वृत दिनारा) में शासकीय भूमि से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारियों की संलिप्तता पाए जाने के बाद पुलिस थाना दिनारा में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

तहसीलदार करैरा द्वारा थाना दिनारा में प्रस्तुत आवेदन के आधार पर थाना प्रभारी ने अपराध पंजीबद्ध करने के आदेश दिए। यह कार्रवाई कलेक्टर कार्यालय शिवपुरी के निर्देश पर करवाई गई विस्तृत जांच के बाद की गई है।
खुला घोटाला जांच में —
कलेक्टर शिवपुरी के आदेश पर डिप्टी कलेक्टर श्री शिवदयाल धाकड़ द्वारा की गई जांच में पाया गया कि:—
ग्राम जरगंवा अव्वल की शासकीय भूमि (सर्वे क्रमांक 247) में सुनियोजित तरीके से हेराफेरी की गई, फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए राजस्व अभिलेखों (खसरा) के पन्ने फाड़कर गायब किए गए, दायरा पंजी में अवैध प्रविष्टियां की गईं, बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नामांतरण किए गए और बाद में निरस्त भी किए गए, भूमि के बटे नंबरों को अवैध रूप से डिलीट एवं पुनः सक्रिय किया गया।

इसके बाद जांच के आधार पर निम्न अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है:— तत्कालीन ऑफिस कानूनगो जीवनलाल तिवारी, (सेवानिवृत्त)
प्रताप पुरी, (तत्कालीन रिकॉर्ड शाखा प्रभारी)
नायब तहसीलदार अशोक श्रीवास्तव, लोकेन्द्र श्रीवास्तव (प्रवाचक/सहायक ग्रेड-3), लीलाराम वर्मा (दिवंगत, नकल शाखा प्रभारी), बृजेश यादव (हल्का पटवारी), मुकेश चौधरी (दिवंगत पटवारी)। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 318(4), 336(3), 338, 340(2) एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(a) के तहत मामला दर्ज किया है।

इस संबंध में प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए—तहसीलदार करैरा द्वारा कलेक्टर शिवपुरी एवं अनुविभागीय अधिकारी को भी पूरे मामले की जानकारी प्रेषित की गई है। जांच रिपोर्ट के साथ 15 दस्तावेज संलग्न किए गए हैं।
