◆बाबा भानगिरी की तपोभूमि पर हुआ विराट हिंदू सम्मेलन कार्यकम हुआ संपन्न
करैरा। बाबा भानगिरी की तपोभूमि करेरा नगर में आज विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 5 हजार से अधिक लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत रेस्ट हाउस परिसर से हुई, जहां से 1100 कलशों के साथ कलश यात्रा में भाग लिया। यह विशाल यात्रा डीजे और जयघोषों के बीच लगभग 2 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए मंडी के पीछे स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंची, जहां सम्मेलन का आयोजन हुआ। पूरे मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा और फूल मालाओं से यात्रा का स्वागत किया गया, जिससे नगर का वातावरण पूर्णतः भक्तिमय और उत्सवपूर्ण बन गया। कार्यक्रम की शुरुआत यहां गौ पूजन के साथ हुई तथा मंच पर0 भारत माता पूजन और तुलसी पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने राष्ट्र और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। सम्मेलन में बगीचा धाम करेरा के संत चेतन पुरी महाराज के साथ अनेक संत-महात्माओं की उपस्थिति रही, जिनके सान्निध्य ने आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम के प्रमुख

अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता रहे, जिन्होंने “धर्म की जय हो” के उद्घोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को यदि अपने भविष्य को सुरक्षित रखना है तो उसे संगठित रहना होगा, अन्यथा बांग्लादेश जैसे हालात बनने में समय नहीं लगेगा। उन्होंने भारतीय संस्कृति की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि 84 लाख योनियों के बाद मनुष्य जन्म मिलना सौभाग्य की बात है और उससे भी बड़ा सौभाग्य भारत भूमि में जन्म लेना है, जहां कण-कण में आस्था और परंपरा समाई हुई है। उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र ऐसी भूमि है, जहां नदियों को मां का दर्जा दिया गया और जहां के महापुरुषों ने राष्ट्र व धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। मंच पर लगे बलिदानी महापुरुषों के चित्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई और छत्रपति शिवाजी महाराज के त्याग और शौर्य को याद किया तथा कहा कि इन्हीं के कारण समाज में चेतना जागृत हुई। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रहित के प्रति सजग रहें तथा सामाजिक समरसता और राष्ट्र सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
