◆शादी सालगिरह,जन्मदिन,पुण्यतिथि पर यहां अन्नदान कर पुण्य लेते है लोग
करैरा। बगीचा धाम अन्न क्षेत्र में संचालित माता।सीता रसोई में पहुचने बाले हर भूखे को रोजाना भोजन मिलता है इस कार्य को लगभग दो साल होने बाले है। अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही करैरा में भी प्रभु श्री राम ,जानकी की प्राणप्रतिष्ठा हुई थी तभी नगर के युवाओ ने भी एक पवित्र संकल्प लिया। उसी दिन सिद्धपीठ बगीचा हनुमान मंदिर परिसर में “अन्नपूर्णा माता सीता रसोई अन्नक्षेत्र” का श्रीगणेश हुआ। माँ सीता की करुणा और अन्नपूर्णा देवी के दान-भाव को साकार करने वाली यह रसोई नगरवासियों की श्रद्धा व सहयोग संचालित है।

11 जून 2024 को पूज्य महामंडलेश्वर श्री अनिरुद्धवन जी महाराज (धूमेश्वर धाम), श्री राजेंद्रगिरी जी महाराज तथा श्री रुद्रचेतन्यपुरी जी महाराज के कर-कमलों द्वारा नवनिर्मित भव्य भवन का लोकार्पण हुआ। इसी अवसर पर “श्री सीताराम नाम बैंक” का शुभारंभ भी हुआ और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। नगर के प्रतिष्ठित नागरिकों की उपस्थिति में संपन्न यह आयोजन करैरा की सामूहिक भक्ति का प्रतीक बन गया।
तब से लेकर आज तक माता सीता रसोई बिना एक दिन रुके चल रही है। यहाँ न केवल मंदिर आने वाले यात्री और भक्तजन, बल्कि आसपास के गाँव-कस्बों से आने वाले भूखे-जरूरतमंद लोग भी भरपेट भोजन पाते हैं। अन्नपूर्णा माता सीता रसोई अन्नक्षेत्र सेवा समिति के कुशल संचालन में प्रतिदिन यह सेवा संचालित है। सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग मेनू रहता। जन्मदिवस, विवाह-वर्षगाँठ, पुण्य-तिथि जैसे अवसरों पर लोग स्वयं सेवा करते हैं और प्रसाद वितरित करते हैं। समिति के प्रमुख सेवादार सुमित तिवारी व सौरभ प्रधान कहते हैं, “हमारा एकमात्र लक्ष्य है कि इस पवित्र धाम की चौखट पर कोई भूखा न रहे। बगीचा मंदिर की जो सड़क चाँद दरवाजे से बगीचा मंदिर तक बनी हुई है समिती ने उसे भक्ति मार्ग नाम दे दिया, क्योंकि इस मार्ग का अंत तो बगीचा हनुमान जी के दर्शन में ही होता है।” करैरा और आसपास के दर्जनों गाँवों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र यही सिद्ध बगीचा धाम है, और यहाँ चलने वाली माता सीता रसोई सेवा और श्रद्धा का वह अनुपम मिलन बिंदु है, जहाँ हर प्लेट में माँ सीता का स्नेह और हनुमान जी का आशीर्वाद परोसा जाता है।
